Drug-Free India Mission: 2029
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देशभर की पुलिस से नशीले पदार्थों के खिलाफ मिलकर कार्रवाई करने का आह्वान किया। सरकार ने 31 दिसंबर 2029 तक नशीले पदार्थों की समस्या को समाप्त करने का लक्ष्य रखा है।

भारत में नशीले पदार्थों की तस्करी और उनके दुरुपयोग को रोकना सरकार तथा कानून लागू करने वाली एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती है। 21 अक्टूबर 2026 को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देशभर की पुलिस और संबंधित एजेंसियों से इस समस्या के खिलाफ एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया।
समाचार रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 दिसंबर 2029 तक देश से नशीले पदार्थों की समस्या को समाप्त करने का लक्ष्य रखा है। अमित शाह ने भी कहा कि 2026 के शेष महीनों और 2027, 2028 तथा 2029 के दौरान इस दिशा में संयुक्त प्रयास किए जाएंगे।
नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए केवल गिरफ्तारी और तस्करी रोकने के प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। जागरूकता, युवाओं को सही जानकारी देना, जरूरतमंद लोगों को उपचार उपलब्ध कराना और पुनर्वास की सुविधाओं को मजबूत करना भी जरूरी है।
पुलिस, सीमा सुरक्षा एजेंसियों, राज्य सरकारों और अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल से नशीले पदार्थों की आपूर्ति के नेटवर्क पर कार्रवाई करने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही स्कूलों, कॉलेजों और समुदायों में जागरूकता कार्यक्रम युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं।
हालांकि, 2029 का लक्ष्य हासिल करने की वास्तविक प्रगति इस बात पर निर्भर करेगी कि नशीले पदार्थों की उपलब्धता, तस्करी और दुरुपयोग को रोकने के लिए किए गए प्रयास कितने प्रभावी रहते हैं। इस अभियान के परिणामों को समझने के लिए आगे आने वाले सरकारी आंकड़ों और आधिकारिक अपडेट पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।

